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सुदिष्ट बाबा के निर्वाण दिवस पर महान संत श्री विनय ब्रह्मचारी जी ने बताया मानव व राक्षस में…

रिपोर्ट : "कुंवर अजय सिंह मन्टु"

सुदिष्ट बाबा के निर्वाण दिवस पर महान संत श्री  विनय ब्रह्मचारी जी ने बताया मानव व राक्षस में…

रिपोर्ट : “कुंवर अजय सिंह मन्टु”

बैरिया/बलिया उप्र। जब-जब पृथ्वी पर पाप बढ़ता है,स्वजनों पर संकट आता है तब-तब भगवान किसी न किसी अवतार में पृथ्वी पर आकर धर्म की रक्षा करते है और पापियों का नाश करते है।भगवान राम का अवतार हो या भगवान श्रीकृष्ण का हर अवतार में प्रभु ने धर्म की रक्षा के लिए अवतार लिया है।
यह उद्गार सन्त शिरोमणि श्री श्री 1008 श्री विनय ब्रह्मचारीजी के है जो मंगलवार को सुदिष्ट बाबा इंटर कालेज परिसर में सन्त शिरोमणि सुदिष्ट बाबा के निर्वाण दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे।उन्होंने धर्म शास्त्रों,बेद ग्रन्थों में उदृत कथाओं,कहानियों व धर्म के सूत्रों पर विस्तार पूर्वक प्रकाश डाला।कहा जैसे संसार मे देवता व राक्षस होते है वही स्थिति शरीर की भी है।इसमें भी अच्छे व बुरे भाव होते है जो अच्छा काम करता है वह मानव है और बुरा काम करने वाला मानव स्वरूप में राक्षस है।स्वामी जी ने लोगों से धर्म का आचरण करने लोगों का परोपकार करने व ज्यादा से ज्यादा बुराईयों का नाश करने का आह्वान किया।इस अवसर पर,प्रधानाचार्य डॉक्टर अशोक कुमार पाण्डेय, प्रधान संघ के अध्यक्ष रोशन गुप्त,जयप्रकाश सिंह,रविन्द्र सिंह,सन्तोष पाण्डेय, मैनेजर सिंह,विपिन सिंह व सत्येन्द्र सिंह के अलावा देवतनन्द राय,अर्जुन चौधरी आदि ने अपने विचार रखे।निर्वाण दिवस के अध्यक्षता संत ईश्वरदास मौनी बाबा व आगंतुकों का स्वागत तथा आभार प्रकाश मैनेजर सिंह चेरिटेबल ट्रस्ट के चेयरमैन सतीश सिंह मनु ने किया।

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