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प्रभात फेरी के दौरान कलयुग काल में माता शबरी के दर्शन से संघ के पदाधिकारी भाव-विभोर हो उठे

प्रभात फेरी के दौरान कलयुग काल में माता शबरी के दर्शन से संघ के पदाधिकारी भाव-विभोर हो उठे

 रिपोर्ट : दयाशंकर राय

सोनभद्र/उप्र।  उप्र के नगर काशी प्रान्त में श्री राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण निधि समर्पण अभियान में अत्यंत भावुक कर देने वाला क्षण उत्पन्न हुआ। सोनभद्र नगर (काशी प्रान्त) में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा जन जागरण अभियान में सुबह प्रभात फेरी का कार्यक्रम चलाया जा रहा है और श्री राम नाम धुन जपते हुए स्वयंसेवक कार्यकर्ता गली-गली प्रभात फेरी लगा रहे थे आज एक महिला जिनकी जितनी महिमा गाई जा सके कम है, जिस तरह माता शबरी भगवान श्री राम के इंतजार में बेर इकट्ठा करती रही उसी तरह माता श्रीमती सीतादेवी ने भी 6 दिसंबर 1992 से एक-एक रुपए का सिक्का जुटाकर मंदिर निर्माण के लिए धनराशि समर्पित करने का संकल्प लिया था, वार्ता के दौरान उन्होंने बताया सुबह जब प्रभात फेरी करने वाले लोग उनके घर के सामने से निकल रहे थे तब उन्होंने प्रभात फेरी करने वाले स्वयंसेवकों से अपने द्वारा संकल्पित धनराशि को ले लेने का आग्रह किया प्रभात फेरी संपन्न होने के बाद कार्यकर्ता गण श्रीमती सीतादेवी पत्नी रामनिहोर केशरी के दुकान पर पहुंचे जो कि छोटी सी मिट्टी के बर्तन दीपक आदि की दुकान थी जिसमें माल भी बहुत कम धनराशि का था परंतु जब उन्होंने अपनी संकल्पित धनराशि को ले आने के लिए अपने बच्चे को कहा तो दो लोग मिलकर उस धनराशि को लेकर के आए जो एक रुपए और 2 रुपये के सिक्कों में थे।उन्होंने कहा कि जिस दिन ढांचा गिरा उस दिन मन में यह विश्वास उत्पन्न हो गया की मेरे जीते जी मंदिर अवश्य बनेगा और वह प्रत्येक दिन एक रुपए 2 रुपये का सिक्का मंदिर निर्माण के सहयोग धनराशि के रूप में इकट्ठा करने लगी कभी कभी बिक्री न होने पर शेष रह जाता था लगभग ₹9300 रुपए इकट्ठे हो चुके थे शेष धनराशि उनके पुत्र उमेश कुमार केसरी ने मिलाकर ₹11000 की धनराशि समर्पित किया उनका यह भी कहना था कि उनका संकल्प था कि यदि उनके जीवन काल में मंदिर निर्माण चालू नहीं हुआ तो जब भी मंदिर निर्माण शुरू होगा उनकी आने वाली पीढ़ी इसी भाँति धन संग्रहित कर मंदिर निर्माण करने हेतु समर्पित करेंगे कलयुग में भी माता शबरी का दर्शन साक्षात होगा ऐसा केवल राम काज में ही संभव था वह सभी लोग अत्यंत भाग्यशाली थे जिनको ऐसी माता का आज निधि समर्पण के दौरान अद्भुत स्वरूप देखने को मिला।

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