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द्वाबा से महात्मा का एक युग समाप्त,नहीं रहे वेदांती जी महाराज

रिपोर्ट :.कुंवर अजय सिंह "मन्टु"

द्वाबा से महात्मा का एक युग समाप्त,नहीं रहे वेदांती जी महाराज

वाराणसी में ली अंतिम सांस, भक्तों में शोक की लहर

रिपोर्ट :.कुंवर अजय सिंह “मन्टु”
बलिया/उप्र। संकट मोटन से साक्षात्कार करने वाले द्वाबा के महान संत श्री श्री 108 श्री कमलदास वेदांती जी महाराज का गुरुवार के दिन अपने भक्तों सदैव के लिए छोडकर अंतिम सांस भगवान शिव की नगरी काशी में ली। शाम करीब 6 बजे काशी (वाराणसी) के एक निजी अस्पताल में अंतिम सांस ली। इसकी सूचना मिलते ही क्षेत्र में आग की तरह फैलने से स्थानीय लोग अवाक रह गए व भक्तों में शोक की लहर दौड़ गयी। 
                संत शिरोमणि कमलदास जी महाराज वेदांती जी पूर्वांचल में काफी लोकप्रिय थे। करीब  तीन युगों से गंगा तट गंगौली स्थित झोपड़ी में तपस्या करते रहे। अभी उनकी कुटिया गोपालपुर ग्राम पंचायत अंतर्गत गंगा किनारे थी जो बाढ कटान में ढह गई। बजरंगबली के अनन्य भक्त कमलदास जी अपने प्रवचन में लगातार संकट मोचन का जी बखान करते थे। हर साल गंगा किनारे यज्ञ व भंडारा कराकर भक्तों को आस्था और श्रद्धा की छांव देने वाले वेदांती जी की तबीयत अचानक खराब होने पर वाराणसी ले जाया गया, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। 

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