बलिया जिले के तहसील बैरिया के बाढ पीडित उदईछपरा के लोगों का दर्द बयान करती कुछ तस्वीरें…
रिपोर्ट : कुंवर अजय सिंह "मन्टु"

बलिया जिले के तहसील बैरिया के बाढ पीडित उदईछपरा के लोगों का दर्द बयान करती कुछ तस्वीरें…

रिपोर्ट : कुंवर अजय सिंह “मन्टु”

बलिया/उप्र । उप्र के जनपद बलिया के द्वाबा का क्षेत्र कहे जाने वाला बैरिया विधानसभा के लिए इतिहास के पन्नों में “क्रान्तिकारी” शब्द से अंकित किया गया हैं लेकिन यहां के लोगों की स्थिति प्रदेश के सबसे अभागे लोगों की भांति हैं। जीवन-यापन कर रहे लोगों के बयान से पहले इन तस्वीरों को गौर से देखने के बाद यहां रहने वाले लोगों की स्थिति का आंकलन स्वयं आप लगा सकते हैं।

यहां के लोगों को सिर्फ यहीं मलाल रह गया कि इस विपदा की परिस्थिति में हमारे वोटों के द्वारा चुने गए ग्राम प्रधान,विधायक और सांसद ही आएं और ना शासन व प्रशासन के लोग आएं, किसी तरह के सहयोग की बात करना तो दूर की बात हैं।

उदईछपरा के स्थानीय लोगों का कहना हैं कि यहां मछुआरे (मल्लाह) बिरादरी के लोगों की जनसंख्या ज्यादा हैं और हमारा कोई नेता नहीं इसलिए कोई हमारे पास नहीं आ रहा हैं यहां मुंह देखकर सहयोग किया जा रहा हैं जबकि सबका नैया पार हम ही लोग बाढ के समय नाव चलाकर कर रहे हैं।

स्थानीय लोगों का कहना हैं कि हमारे यहां ना कोई प्रकाश की व्यवस्था की गई है जबकि बाढ में विषैले जन्तु आ रहे हैं जिससे हम लोगों के परिवार के बच्चों को हर समय जान का खतरा बना हुआ हैं ना ही अन्न और दवा की कोई व्यवस्था की गई हैं। हम लोगों को स्वयं व इस के भरोसे जिन्दा हैं। नेता और अधिकारी बंधे पर बसे लोगों की मदद कर फोटो खिंचवाकर सहयोग करने का प्रचार – प्रसार सिर्फ उप्र के राजस्व की प्रत्येक वर्ष की भांति लुट और खसोट का एक मात्र संसाधन बन गया हैं।





