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गरीब की मौत की किमत मात्र छः लाख लगाकर थाने में पंचों ने करा दिया समझौता 

रिपोर्ट : अजय कुमार सिंह 

गरीब की मौत की किमत मात्र छः लाख लगाकर थाने में पंचों ने करा दिया समझौता 

हत्या जैसे अपराध की सजा छः लाख में माफ ?

रिपोर्ट : अजय कुमार सिंह 

बलिया,उप्र। जनपद बलिया के दोकटी थाना क्षेत्र के हृदयपुर गांव में मारपीट में घायल विनोद राम उम्र 35 वर्ष की वाराणसी में इलाज के दौरान 22 दिन बाद शनिवार की देर शाम मौत हो गई। दोनों पक्षों के बीच हुए समझौते के छह लाख रुपये नहीं मिलने पर परिजन समेत सैकड़ों लोग शव लेकर थाने पहुंच गए।आरोपित पक्ष द्वारा पूरा रुपया देने के बाद मामला शांत हुआ। गौरतलब है कि 20 फरवरी को दुखित राम व मोतीराम के परिवार की महिलाओं के बीच विवाद हुआ था जिसमें दोनों पक्षों में चले लाठी-डंडे में विनोद राम के सिर में गंभीर चोटें आईं जिसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सोनबरसा में प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेकर कर दिया और सदर अस्पताल के चिकित्सकों ने गम्भीर रूप से घायल विनोद राम को  उसे वाराणसी रेफर कर दिया। वहां उसका इलाज एक निजी अस्पताल में करा रहे थे। इधर दोनों पक्षों के बीच गांव में सुलह समझौता कराने को लेकर पंचायत हुई।समझौता हुआ कि इलाज का खर्च आरोपित पक्ष उठाएगा।इस बीच अगर उसकी मौत होगी जिसे पंचो ने छह लाख रुपये आरोपित पक्ष को देकर समझौता पर राजी करा लिया। दोनों पक्षों की सुलह के बाद पुलिस ने कार्रवाई से इन्कार कर दिया था।इसी बीच युवक की मौत के बाद उसके परिवार वाले समझौते की रकम मांगने के लिए शव लेकर थाने पहुंच गए।पीड़ित परिवार समझौते की रकम दिलाने या कानूनी कार्रवाई की मांग करने लगा। आरोपित पक्ष ने समझौते के अनुसार रुपये का चेक दिया। थानाध्यक्ष अमित कुमार सिंह ने बताया कि शव को लेकर परिवार वाले थाने आए थे।तहरीर मांगने पर धीरे-धीरे हट गए,थाने से बाहर जाकर रुपये लेकर समझौता कर लिए।पंचों व रिश्तेदारों के आगे विवश हुई पत्नी मृत विनोद की पत्नी निशु देवी गुहार लगा रही थी कि मामले में कार्रवाई की जाए। वह अपने पांच छोटे बच्चों के साथ थाने पहुंची थी।वह रो रही थी, जिम्मेदारों से इंसाफ मांग रही थी।पंच व रिश्तेदारों के आगे उसका कोई जोर नहीं चला,वह पति की मौत से टूट गई है।ऐसे में दोकटी पुलिस की भूमिका पर भी कई प्रश्न चिन्ह खड़े हो रहे है। गांव और रिश्तेदार की महिलाओं का थाना दोकटी के सामने प्रदर्शन के दौरान पुलिस पर आरोप लगा रही थी कि पुलिस मुकदमा पंजीकृत नहीं करने और बलपूर्वक समझौता कराने का आरोप लगा रही थी।स्थानीय लोगों का कहना था कि  मामला बहुत गम्भीर था लेकिन गरीब इंसान की मौत की किमत मात्र छः लाख लगाकर पंचो ने मानवता को तार-तार कर दिया ।

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