
उत्तर प्रदेश: विधानसभा चुनाव में राजपूत वोट पर किसका कब्जा?

डेस्क
लखनऊ/उप्र। ऐसा माना जा रहा है कि अगले साल उत्तर प्रदेश के चुनाव में जातीय गोलबंदी की बड़ी भूमिका रहेगी ।
विकास, सुशासन, कानून व्यवस्था जैसे नारों के पीछे चुनाव में जातीय प्रतिनिधित्व के माध्यम से जातियों को जोड़ने का खेल चलता रहेगा ।
ऐसे में राजनीतिक दलों और विश्लेषकों का ध्यान चुनाव में राजपूत मतों की भूमिका पर भी है ।
उत्तर प्रदेश में राजपूत 8 से 10 फ़ीसदी के आस-पास है । उत्तर प्रदेश में संख्या के हिसाब से यह बड़ी जाति नहीं है लेकिन राजनीतिक रुप से 90 के दशक तक बहुत महत्वपूर्ण रही है ।
इसका मुख्य कारण है कि राजपूत सामाजिक रूप से दबदबे वाले, ग्रामीण उच्च वर्ग के प्रतिनिधि, लाठी से मज़बूत एवं ओपिनियन बनाने वाले माने जाते हैं ।
चुनावों में लाठी से मज़बूत होने के कारण बूथ मैनेजमेंट में यह प्रभावी जाति मानी जाती रही है । इसीलिए पार्टियों के प्रभावी राजनीतिक नेतृत्व के रूप में यह जाति छाई रही है ।




