गंगा नदी में अचानक आई बाढ से जेपी के गांव के लोग बाढ में घिरे
रिपोर्ट : विवेक सिंह "कारगिल"

गंगा नदी में अचानक आई बाढ से जेपी के गांव के लोग बाढ में घिरे

रिपोर्ट : विवेक सिंह “कारगिल”
बैरिया/बलिया उप्र। गंगा नदी में अचानक आई बाढ से संम्पुर्ण क्रांति के प्रेरणास्रोत जयप्रकाश नारायण जी के पैतृक गांव सिताबदियरा के लोग बाढ में घिर गये है।जयप्रकाश नगर के पूर्वी दलजीत टोला बलिया में बाढ़ की दस्तक ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। नदियों के जलस्तर में रोजाना बढोतरी हो रही है।गंगा नदी में तेजी से उफान देखने को मिल रहा है।किनारे बसे इलाका पूर्वी दलजीत टोला और भगवान टोला तेजी से गंगा नदी के चपेट में आ गया है।एक तरफ जहां किसानों के फसलों को नुकसान पहुंच रहा है वहीं दूसरी तरफ इस विस्थापित का जीवन जीने पर लोगों को मजबूर होना पड़ रहा है जिसको लेकर शासन व प्रशासन मुकदर्शक बना हुआ हैं।

गंगा के जलस्तर में शनिवार के दिन लगातार बढ़ोतरी होने से बाढ़ आने की संभावना बढ़ने लगी है। गंगा तटवर्ती लोग बाढ़ व कटान की आशंका को देखते हुए अपना सारा जरूरी सामान समेट कर के सुरक्षित स्थलों की तरफ तरफ से पलायन करने लगे हैं। केंद्रीय जल आयोग गायघाट केंद्र के अनुसार सुबह 8 बजे 3 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रही गंगा दिन के 12 बजे आधा सेंटीमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से बढ़ाव पर है। शुक्रवार के दिन 12 बजे गंगा का जलस्तर 59.180 दर्ज किया गया था। सुत्रों के अनुसार मध्य प्रदेश से छोड़ा गया पानी लगभग दो तीन दिनों में यमुना से होते हुए बलिया पहुंचने की संभावना है। अगर पानी यहां पहुंच गया बाढ़ की स्थिति 2016 से भी गंभीर बन सकती है।




