उत्तर प्रदेश

*उपकार हॉस्पिटल वाराणसी में कोविड मरीजों को मिल रहा उचित उपचार*

रिपोर्ट: सत्यप्रकाश सिंह "परमार"

*उपकार हॉस्पिटल वाराणसी में कोविड मरीजों को मिल रहा उचित उपचार*

रिपोर्ट: सत्यप्रकाश सिंह “परमार”

बलिया/उप्र। एक तरफ जहां कोरोना से पीडित लोगों को मरने से खौफ व्याप्त हो गया है वहीं कोरोना के मरीजों का ईलाज करके ठीक होने वाले मरीजों के लिए डाक्टरो की टीम पर गर्व पर कर रहे हैं। उक्त के संदर्भ में उपकार हॉस्पिटल के डायरेक्टर डॉ. एस जे पटेल ने बताया कि उपकार हॉस्पिटल अपने विशेषज्ञ चिकित्सको और कुशल स्टाफ के द्वारा विगत कई वर्षोँ से वाराणसी की जनता की बेहतर सेवा में लगा हुआ है। उनके हॉस्पिटल में कम शुल्क में ही मरीज़ों की चिकित्सा की जाती है।

रही बात कोविड के मरीज़ों से अधिक शुल्क लेने की बात तो उनका कहना था कि उनके हॉस्पिटल में ऐसी कोई अनियमितता नहीं पाई गई। सरकार, जिला प्रशासन और सी एम ओ के गाइडलाइन के अनुसार ही मरीजों से शुल्क लिया गया।

इस कठिन समय मे हॉस्पिटल के चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टाफ ने पूरे मन से मरीज़ों की रात दिन चिकित्सा की जिसका परिणाम है कि बहुत से मरीज़ इस गंभीर महामारी से लड़कर,स्वस्थ और संतुष्ट होकर अपने घर को गये। पैरामेडिकल स्टॉफ की लगन व ओवरटाइम कार्य को देखकर उनके लिए हॉस्पिटल द्वारा इन्सेन्टिव प्रदान किया गया ताकि वे मरीज़ों की चिकित्सा में लगे रहें। हॉस्पिटल की पूरी टीम के प्रयासों से ही काफ़ी मरीज़ों की जान बचाने में वे सफ़ल रहे।

डॉ. एस. जे. पटेल के अनुसार पिछले दिनों इस सदी की सबसे बड़ी महामारी के दौरान उनके हॉस्पिटल में कोविड के कुल 65 मरीज़ एडमिट हुए जिनमें से 57 की सफलता पूर्वक चिकित्सा करके उन्हें बचा लिया गया। उन्होंने आगे कहा कि इस गम्भीरतम महामारी के दौरान स्वयं एवं स्टाफ के सहयोग से उन्हें मरीज़ों की जान बचाने का जो अवसर मिला, इसके लिये वे अपने आप को सौभाग्यशाली समझते है।

उन्होंने आगे कहा कि ऐसे कठिन समय में जबकि मरीज़ के साथी और परिवार के लोग मरीज़ों से दूर भागते थे,चिकित्सकों व स्टाफ ने अपनी जान की परवाह किये बिना अपने कर्तव्य का पालन किया। प्रशासन और सरकार को चाहिए कि इस कठिन परिस्थिति में जिन चिकित्सकों, नर्सेज और पैरामेडिकल स्टॉफ ने कोरोना से लड़ने में अपना योगदान दिया उन्हें कोरोनायोद्धा के रूप में प्रोत्साहित करें जिससे भविष्य में ऐसे किसी भी महामारी क़े समय पूरी लगन व दुगुने जोश के साथ वे अपने कर्तव्य का पालन कर सकें।

डॉ. एस. जे. पटेल ने इस महामारी के दौरान वाराणसी के जिलाधिकारी और मुख्य चिकित्साधिकारी के प्रयासों की सराहना की जिनकी वजह से हॉस्पिटल की जरूरत के अनुसार ऑक्सीजन व रेमेडिसिविर इंजेक्शन की उपलब्धता बनी रही।

Related Articles

Back to top button
Close
Close